भूख
बना आधार पहचान मिली
गरीबी राशन की मुहर बनी
राशन पर गरीबी की भूख टीकी
कतार मे घण्टों खड़े जब कहीं ये भूख मिटी
भूख हाय तड़पा रही पीर इम्तिहाने हर पल ले रही
हाय गरीबी मार गई
पेट भरे बस दुआ यही थी
राशन ने जो छोड़ा पीछा
पेट पकड़ फिर रोया फ़कीरा
तड़प भूख मे चीखा चिल्लाया
देता कहता बस एक दुहाई
भूखी पीड़ा यो गिनो ना भाई
इसकी मार बड़ी बुरी है
तक़दीर भी अपनी गरीब रही है
बना आधार पहचान मिली
गरीबी राशन की मुहर बनी