स्वच्छता अभियान
काम मे क्या चोरी कैसी
रहा बंद किताबी जुमला
करने अमल जब आई बारी
सबने बस पीट दिखाई
मारा सबने अपने मुँह पे ढाता
भाग गंदगी से था पीछा छूता
घर का गंदा बाहर फेंका
था अपने ही मुँह पे थूका, देश के हो सम्मान को फूका
घर एक मंदिर, साफ़ किया तो मान पुजारी
उसने किया, पड़ा मान पे भारी
आई अब सम्मान की बारी, दी धुँधकारे बारी -बारी
मैने देखा, जब गौर से सोचा
सबने फेंका, उसने बीना
साफ़ किया हर कोना -कोना
कर मेहनत दीन -दुपहरी ,कचरा पट्टी रोज उठाता
स्वच्छता का भार सभाले , खड़ा तू अपना सीना ताने
बन सिपाही खासे प्रण लेता ,करी भूल को साफ कर जाता
बिन सफ़ाई स्वास्थ्य जो बिगाड़ा ,याद आया फिर अगला -पिछला
बिन\ डिग्री के डॉक्टरी पाई , ये सही पर देर अकाल में आई
बुरी ये अपनी सोच मिटाए , पड़ा गंदगी पर अंकुश मिटाए
स्वच्छ्ता की ओर ,मिलकर कदम बढ़ाए
कोई ना छोटा न बड़ा है ,पहले देश का मान बड़ा है
देश को अपने चमन बनाएं ,भारत शान को सफल बनाएं
बन सिपाही खासे प्रण लेता ,करी भूल को साफ कर जाता
बिन सफ़ाई स्वास्थ्य जो बिगाड़ा ,याद आया फिर अगला -पिछला
बिन\ डिग्री के डॉक्टरी पाई , ये सही पर देर अकाल में आई
बुरी ये अपनी सोच मिटाए , पड़ा गंदगी पर अंकुश मिटाए
स्वच्छ्ता की ओर ,मिलकर कदम बढ़ाए
कोई ना छोटा न बड़ा है ,पहले देश का मान बड़ा है
देश को अपने चमन बनाएं ,भारत शान को सफल बनाएं
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