Saturday, December 22, 2018

तस्वीर 

माँ की मैंने तस्वीर बनाई 
भली सी ,सूरत उभर के आयी 
थी खाली झोली ,प्यार का दिल में भरे खजाने 
आँखें उसकी ,पर सपने मेरे 
माँ की नज़र में बसता था मैं 
उसके दिल का टुकड़ा था मैं 
टुकड़े जोड़े तस्वीर मेरी बन आई 
जिन्दा था मैं ,जान थी उसकी 
मेरी जान में जान थी उसकी 
शुक्र उसका जो माँ बनाई 
मैने बस तस्वीर बनाई 
दुआ प्यार का रंग माँ में पाया 
करी दुआएँ जब माँ को पाया 
माँ की मैने तस्वीर बनाई 
भली सी सूरत सामने आयी || 

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