चिरागी सभा
सभा चिरागी जुडी थी
लगी जली होड़ थी
चराग तो हजारो थे
जलते जिन्हे रहना था
इम्तिहान अपना जोर था
देखना जोर किसमें था
चराग तो हज़ारो थे
जलते जिन्हे रहना था
सामना भी कुछ खास था
बुझना या जलना बस बाकी था
जलना मकाम था जिसका
वो खुदी मकाम था
बाकी सब बुझ गये
बस ही जलता रहा
चराग तो हज़ारो थे ,
जलते जिन्हे रहना था
सभा चिरागी जुड़ी थी
लगी जली होड़ थी
जिन्दा थे तो जिक्र रोज था
मर गए तो याद किया
कर याद इंसानियत न दिखाओ
मर गए कही याद न दिलाओ
कर दफन ,जिक्र मेरा जुबा पे न लाओ
लगा मरहमी दवा
चोट मेरी ,घाव न लगाओ
मर गए कही ये याद न दिलाओ
भूली याद जो मेरी याद न दिलाओ
लगी जली होड़ थी
चराग तो हजारो थे
जलते जिन्हे रहना था
इम्तिहान अपना जोर था
देखना जोर किसमें था
चराग तो हज़ारो थे
जलते जिन्हे रहना था
सामना भी कुछ खास था
बुझना या जलना बस बाकी था
जलना मकाम था जिसका
वो खुदी मकाम था
बाकी सब बुझ गये
बस ही जलता रहा
चराग तो हज़ारो थे ,
जलते जिन्हे रहना था
सभा चिरागी जुड़ी थी
लगी जली होड़ थी
जिन्दा थे तो जिक्र रोज था
मर गए तो याद किया
कर याद इंसानियत न दिखाओ
मर गए कही याद न दिलाओ
कर दफन ,जिक्र मेरा जुबा पे न लाओ
लगा मरहमी दवा
चोट मेरी ,घाव न लगाओ
मर गए कही ये याद न दिलाओ
भूली याद जो मेरी याद न दिलाओ
bhut khoob
ReplyDeleteAwesome
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